स्टोन फ्लावर (पत्थर का फूल) – परिचय, पोषण, औषधीय गुण, उपयोग, लाभ और नुकसान
परिचय (Introduction)
स्टोन फ्लावर, जिसे हिंदी में पत्थर का फूल, संस्कृत में शिलापुष्प, और अंग्रेज़ी में Stone Flower / Black Stone Flower कहा जाता है, एक दुर्लभ मसाला है जिसका उपयोग भारतीय व्यंजनों में व्यापक रूप से किया जाता है । एक प्रकार का लाइकेन (Lichen) है। यह मुख्य रूप से चट्टानों, पेड़ों की छाल और नम पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से उगता है। भारत में इसे दगड़ फूल, कलपासी, छरीला ,पाथरफूल जैसे नामों से भी जाना जाता है।
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| स्टोन फ्लावर (पत्थर फूल) |
भारतीय रसोई में पत्थर का फूल एक अत्यंत सुगंधित मसाला है, जो खासकर बिरयानी, निहारी, कोरमा और गरम मसाला में इस्तेमाल होता है। आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा में भी इसके औषधीय गुणों का उल्लेख मिलता है।
पत्थर का फूल क्या है?
पत्थर का फूल वास्तव में कोई फूल नहीं, बल्कि कवक (Fungus) और शैवाल (Algae) का सहजीवी रूप है। यह सूखे, काले-भूरे रंग का होता है और पानी में भिगोने पर नरम होकर अपनी विशिष्ट सुगंध छोड़ता है।
पोषण तथ्य (Nutrition Facts – प्रति 100 ग्राम अनुमानित)
पत्थर का फूल कम मात्रा में उपयोग किया जाता है, फिर भी इसमें कई उपयोगी तत्व पाए जाते हैं:
ऊर्जा: ~250 kcal
कार्बोहाइड्रेट: 40–45 g
प्रोटीन: 5–7 g
फाइबर: 15–18 g
वसा: बहुत कम
खनिज:
आयरन
कैल्शियम
मैग्नीशियम
पोटैशियम
एंटीऑक्सीडेंट यौगिक
प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल तत्व
औषधीय गुण (Medicinal Properties)
पत्थर का फूल आयुर्वेद में कषाय (astringent), दीपक (पाचन बढ़ाने वाला) और जीवाणुरोधी माना जाता है।
पाचन शक्ति को बढ़ाता है
गैस और अपच में सहायक
सूजनरोधी (Anti-inflammatory)
एंटीऑक्सीडेंट गुण
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला
हल्का एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल प्रभाव
पत्थर का फूल के उपयोग और लाभ (Uses & Advantages)
बिरयानी और पुलाव में सुगंध बढ़ाने के लिए
गरम मसाला मिश्रण का अहम घटक
पाचन तंत्र को मजबूत करता है
गैस और एसिडिटी में राहत
भूख बढ़ाने में सहायक
आंतों के स्वास्थ्य को सुधारता है
बैक्टीरियल संक्रमण से लड़ने में मदद
शरीर में सूजन कम करने में सहायक
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
सर्दी-खांसी में काढ़े के रूप में उपयोग
आयुर्वेदिक औषधियों में प्रयोग
शरीर से विषैले तत्व निकालने में मदद
एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य
वजन संतुलन में सहायक (सीमित मात्रा में)
पेट दर्द में आराम
लिवर स्वास्थ्य को सपोर्ट करता है
श्वसन तंत्र के लिए लाभकारी
भोजन का स्वाद और खुशबू बढ़ाता है
कम मात्रा में उपयोग से अधिक प्रभाव
प्राकृतिक और केमिकल-मुक्त मसाला
पत्थर का फूल उपयोग करने की विधि
उपयोग से पहले इसे पानी में 5–10 मिनट भिगोना चाहिए
फिर हल्का भूनकर या सीधे ग्रेवी में डालें
मात्रा बहुत कम रखें (¼ से ½ चम्मच पर्याप्त)
पत्थर का फूल के नुकसान / हानियाँ (Disadvantages & Side Effects)
हालाँकि पत्थर का फूल प्राकृतिक है, लेकिन अत्यधिक या गलत उपयोग नुकसानदायक हो सकता है।
अधिक मात्रा में सेवन से पेट में जलन
एलर्जी वाले लोगों में रिएक्शन
गर्भावस्था में अधिक सेवन से बचें
बच्चों को बहुत कम मात्रा दें
कच्चा सेवन नुकसानदायक हो सकता है
दूषित या मिलावटी पत्थर का फूल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक
लंबे समय तक अधिक सेवन से पाचन गड़बड़ी
किडनी रोगियों को डॉक्टर की सलाह आवश्यक
सावधानियाँ (Precautions)
हमेशा शुद्ध और विश्वसनीय ब्रांड से खरीदें
सीमित मात्रा में ही उपयोग करें
पहली बार उपयोग करते समय मात्रा कम रखें
किसी भी एलर्जी के लक्षण पर सेवन बंद करें
निष्कर्ष (Conclusion)
पत्थर का फूल (Stone Flower) भारतीय मसालों की दुनिया का एक अनोखा और बहुमूल्य घटक है। इसकी अद्भुत सुगंध, औषधीय गुण और पाचन लाभ इसे खास बनाते हैं। सही मात्रा और सही विधि से उपयोग करने पर यह न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि स्वास्थ्य को भी कई तरह से लाभ पहुँचाता है। हालाँकि, किसी भी प्राकृतिक पदार्थ की तरह इसका भी संतुलित उपयोग आवश्यक है। शुद्धता और गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए यदि पत्थर का फूल आहार में शामिल किया जाए, तो यह रसोई और स्वास्थ्य—दोनों के लिए वरदान साबित हो सकता है।














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